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Thursday, 12 November 2015

ढूँढ़ते रह जाओगे



ईमानदारी की बातें 
सुकून भरी रातें
मानवता की सौगातें
ढूँढ़ते रह जाओगे

गिरते हुए दाम
दफ्तरों में काम 
जगत् गुरु का नाम
ढूँढ़ते रह जाओगे

सस्ती शिक्षा
मुफ्त में गुरु की दीक्षा
निस्वार्थ समीक्षा
ढूँढ़ते रह जाओगे

नेताओं में देशभक्ति
लेखकों की लेखनी की शक्ति
साधु-संतों में ईश भक्ति
ढूँढ़ते रह जाओगे

स्कूलों में पढ़ाई
बस अड्डों पर सफाई
ईमानदारी की कमाई
ढूँढ़ते रह जाओगे 

बड़ों का सम्मान
अपनी मातृभाषा पर अभिमान 
गरीबों को दान
ढूँढ़ते रह जाओगे

परोपकार की साधना
इंसानियत की भावना
दूसरों के दुखों को बाँटना
ढूँढ़ते रह जाओगे

भारतीय संस्कृति का मान
हिन्दी की शान
देशभक्ति का दिल से गान
ढूँढ़ते रह जाओगे

जनता का निस्वार्थ वोट
नेता बिन खोट 
बुराई पर अच्छाई की चोट 
ढूँढ़ते रह जाओगे 

कर्णप्रिय संगीत 
भाव प्रधान गीत
गरीबों का सच्चा मीत
ढूँढ़ते रह जाओगे 

साभार......मालती मिश्रा

5 comments:

  1. वाह ! क्या बात है। बहुत खूब।

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  2. वाह ! क्या बात है। बहुत खूब।

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  3. ब्लॉग पर आने के लिए आपका बहुत-बहुत धन्यवाद

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  4. ब्लॉग पर आने के लिए आपका बहुत-बहुत धन्यवाद

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