शनिवार

शिव वंदना


हे शंभु अब करो कृपा

प्रभु आप हरो सबकी विपदा...


हे गंगाधर हे गिरिवासी

हे शशिशेखर हे अविनाशी

हे मृत्युंजय कैलाशपति

हरो विपद हमारे उमापति।


हे नीलकंठ हे महादेव

हे अविनाशी हे वामदेव

हम आए तिहारी शरण प्रभु

करो दूर कष्ट देवादिदेव...


रोता अंबर रोती धरती

त्राहि-त्राहि दुनिया करती

हे तारकेश हे सहस्राक्ष 

हे सूक्ष्मतनु बस तेरी आस..


हे मृत्युंजय हे जग व्यापी

चहुँ दिशि में घोर विपद व्यापी

प्राणों की नहि होय क्षति

अब दया करो हे उमापति...


हे अभयंकर हे प्रलयंकर 

कैलाशपति हे त्रिपुरारी

डमड् डमड् डम की ध्वनि से

प्रभु नाश करो विपदा सारी...


हे शशिशेखर हे खटवांगी

तुम आकर सब संताप हरो

हे महाकाल हे दक्षाध्वर

अब रक्षा करो तुम रक्षा करो...


हे शिव शंभु अब करो कृपा

प्रभु आप हरो सबकी विपदा...


मालती मिश्रा 'मयंती'✍️