खाली बेंच के आसपास से शुरू होकर उसी के इर्द-गिर्द घूमती, उसी में सिमटती, उसके खालीपन को पूरित करती और फिर खाली की खाली रह जाती...एक अधूरे जीवन के खाली मन के साथ...
क्या इस खाली बेंच की रिक्तता कभी भरेगी...
आइए जानते हैं 'वो खाली बेंच' के साथ...
जी हाँ मेरी नव प्रकाशित पुस्तक 'वो खाली बेंच' (१२ कहानियों का संग्रह) प्रकाशित हो चुकी है और यह बताते हुए अत्यंत
हर्षानुभूति हो रही है कि पाठकों दर्शाया बहुत पसंद की जा रही है। आप से निवेदन है कि आप सब भी इसे पढ़िए और अपनी राय और सुझावों से अवगत कराएँ।
पुस्तक मँगवाने के लिए लिंक नीचे दिया है...
वो खाली बेंच लिंक
https://www.flipkart.com/wo-khali-bench/p/itm328ddba6b00b1?pid=9788194628828
https://www.amazon.in/dp/B08CDY7C4G?ref=myi_title_dp

