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Friday, 18 November 2016

आई आहट आने की

आई आहट आने की
ऊषा के मुस्काने की
रक्तिम वर्ण बिखराने की
तारक के छुप जाने की
मयंक पर विजय पाने की
तमी के तम को हराने की
विजय ध्वज लहराने की
सोई अवनी को जगाने की
ओस के मोती बिखराने की
सूरज के मुस्काने की
रश्मिरथी के आने की
आई आहट आने की

कलियों के खिल जाने की
पुष्पों के महकाने की
मधुपों के गुनगुनाने की 
नदिया के लहराने की
वृक्षों के चँवर डुलाने की
विहगों के मंगल गाने की
कोयल के कूक सुनाने की
अरुण का तेज बढ़ाने की
चहुँदिशि स्वर्ण सजाने की
सूरज के मुस्काने की
रश्मिरथी के आने की
आई आहट आने की
मालती मिश्रा

3 comments:

  1. वाह ! बहुत सुंदर प्रस्तुति। बहुत खूब।

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    1. बहुत-बहुत आभार राजेश जी।

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    2. बहुत-बहुत आभार राजेश जी।

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