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Friday, 30 December 2016

वंदना

हे शारदे माँ करूँ वंदना
कमल नयना श्वेत वसना
हंसवाहिनी वीणा धारिणी
वागेश्वरी माँ करूँ प्रार्थना

भवभय हरिणी मंगल करणी
श्वेत पद्मासना माँ शतरूपा
अज्ञानता मिटाकर हमें तार दे
वाणी अधिष्ठात्री माँ शारदे

स्वार्थ लोभ दंभ द्वेष
अवगुणों से हमें उबार दे
शुक्लवर्णा माँ भारती
प्रेम सौहार्द्र का संसार दे

हे जगजननी भव भय हरनी
श्वेत वस्त्रधारिणी वीणा वादिनी
नित-नित शीश नवाकर तुझको
हो शारदे माँ करूँ वंदना।
मालती मिश्रा

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