रविवार

देश हमारा जाग रहा है

देश हमारा जाग रहा है 
सुनकर मोदी की हुंकार,
भेड़िये कोना ढूँढ़ रहे हैं 
सुनकर शेर की दहाड़।
अपनी पीठ थपकने वाले तो 
सियार गीदड़ भी होते हैं,
दुनिया जिसका नाम जपे 
वो बिरले सिंह ही होते हैं।
देश जिसका अनुगमन करे 
वो किस्मत वाला होता है,
दुनिया जिसके पीछे चल दे 
वो सबका रखवाला होता है।
साम-दाम-दंड-भेद से
हर हथकंडे अपना लिए,
पर शीश नही झुकता उसका
जो सत्य का रखवाला होता है।
खड़ी करो नित नई दीवारें
बिछाओ शतरंज की चाल नई,
राहें नित नई बना ले वो 
जो फौलादी दिलवाला होता है।

मालती मिश्रा

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